फेडरेषन के उदेश्य

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1. फेडरेषन ने जिस गु्रप की सम्बध्दता स्वीकृत की हो, वह गु्रप फेडरेषन के प्रतीक और जैन श्वे. सोष्यल गु्रप नाम का उपयोग कर सकेगा तथा फेडरेषन का सदस्य होगा।

2. गु्रप्स की न्यूनतम सदस्यता 25 एवं अधिकतम सदस्यता 200 दम्पत्ति सदस्यों की रहेगी। विषेष परिस्थिति में गु्रप की अधिकतम सदस्य संख्या के मामले में फेडरेषन पदाधिकारियों के द्वारा पुर्नविचार किया जा सकेगा।

3. गु्रप का वार्षिक सदस्यता शुल्क प्र्रायोजित गु्रप एवं नवीन गु्रप की कार्यकारिणी सभा द्वारा फेडरेषन की सहमति से निष्चित की जा सकेगी।

4. फेडरेषन की संबंध्दता हेतु गु्रप द्वारा बड़े शहर के गु्रपों द्वारा 100 रू. प्रति सदस्य प्रतिवर्ष एवं छोटे शहरों व ग्रामीण क्षेत्र के गु्रपों द्वारा 50/- रू. प्रति सदस्य प्रतिवर्ष फेडरेषन को वार्षिक योगदान (काॅन्ट्रीब्यूषन) के रूप में देय होगा, जो फेडरेषन के कार्य संचालन, योजना, क्रियान्वयन, स्थापना खर्च एवं गु्रप के लिये गु्रप से संबंधित साहित्य, बुलेटिन, मैगजीन आदि के प्रकाषन में खर्च किया जाएगा।

5. इस गु्रप की वार्षिक सदस्यता का शुल्क जो सब क्लाज (द) में वर्णित है उसकी सीमा एवं पुर्ननिर्धारण आवष्यक प्रतीत होने पर फेडरेषन की सेन्ट्रल कौन्सिल में पारित करवाया जाएगा।

6. प्रत्येक गु्रप द्वारा 31 जनवरी तक सकल वार्षिक सदस्यतानुसार कान्ट्रीयब्यूषन शुल्क निर्धारित रेखांकित ड्राफ्ट के द्वारा फेडरेषन की वार्षिक साधारण सभा के पूर्व जमा हो जाना चाहिए।

7. जो गु्रप वार्षिक सभा के पश्चात प्रारंम्भ किये गये हों उनकी सकल सदस्यता का योगदान 31 दिसम्बर के पूर्व जमा हो जाना चाहिए।