जनरल कौंसिल एवं सेन्ट्रल कौंसिल

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फेडरेषन की जनरल कौंसिल का गठन निम्नानुसार सदस्यों द्वारा किया जा सकेगा।
1. प्रत्येक गु्रप पदाधिकारी जो मानक संविधान के अनुसार 7 से अधिक नहीं है तथा निवृतमान अध्यक्ष एवं भूतपूर्व अध्यक्ष जनरल कौंसिल के मेम्बर रहेेंगे बषर्ते वे गु्रप के सदस्य हों
2. गु्रप के भूतपूर्व अध्यक्ष जो सेन्ट्रल कौंसिल हेतु मनोनित किये गये हों। कोई भी सदस्य जो फेडरेषन की जनरल कौंसिल का सदस्य है वह तब तक जनरल कौसिंल का सदस्य बना रहेगा जब तक कि फेडरेषन के चुनाव नहीं हो जाते चाहे वह अपने गु्रप की कार्यकारिणी का सदस्य अथवा पदाधिकारी नहीं हो पर उस गु्रप का सदस्य होना अनिवार्य है।

1. सैन्ट्रल कौंसिल का गठन, जनरल कौंसिल के सदस्यों, सहयोजित सदस्यों एवं एक्स आॅफिसियों द्वारा होगा।
2. मनोनित सदस्य: प्रत्येक ग्रुप से जनरल कौंसिल सदस्य द्वारा सेन्ट्रल कौंसिल हेतु एक सदस्य का मनोनयन किया जायेगा। मनोनयन नहीं होने पर गु्रप का अध्यक्ष सेन्ट्रल कौंसिल का सदस्य होगा।
3. (सहयोजित सदस्य) सेन्ट्र कौंसिल द्वारा अधिकतम 10 सदस्य मनोनीत किये जा सकेगंे। जो गु्रप्स की जनरल कौंसिल के सदस्य अथवा ग्रुप के भूतपूर्व अध्यक्ष होगें। अखिल भारतीय श्री श्वेताम्बर जैन महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्थाई रूप से मनोनीत सदस्य रहेगें।
4. (एक्स आफिसियों): फेडरेषन के सभी भूतपूर्व अध्यक्ष एवं रीजनल कमेटी के चेयरमेन, सेन्ट्रल कौंसिल के सदस्य होगें। फेडरेषन के संस्थापक सभी पदाधिरीगण सेन्ट्रल कौंसिल एवं जनरल कौंसिल के सदस्य होगें। कोई भी सेन्ट्रल कौंसिल का सदस्य अथवा पदाधिकारी फेडरेषन के अगले चुनाव तक अपने पद पर बने रहेगा चाहे वह अपने गु्रप में जनरल कौंसिल का सदस्य नहीं हो परन्तु उस गु्रप में उसका सदस्य बने रहना अनिवार्य है।
5. सेन्ट्रल कौंसिल द्वारा रीजनल कमेटी एवं गु्रप्स क सदस्यों को लेकर अन्य कमेटी व सब कमेटी हेतु आवष्यक अधिकार कर्तव्य एवं जवाबदारी देने हेतु सेन्ट्रल कौंसिल अधिकृत होगी।

विषेष अधिकार-
1. सेन्ट्रल कौंसिल को ऐसे विषय पर निर्णय लेने अथवा नियम बनाने का अधिकार होगा जो संविधान में उल्लेखित नहीं है।
2. यदि संविधान में उल्लेखित नियमों के परिपालन करने में सेन्ट्रल कौंसिल को कोई कठिनाई आती है तो सेन्ट्रल कौंसिल ऐसी कठिनाई दूर करने के लिए आवष्यक निर्णय ले सकेगी।
3. फेडरेषन के अध्यक्ष द्वारा अति आवष्यक कार्य के निष्पादन एवं संपादन हेतु जनरल कौंसिल की मीटिंग की सूचना 15 दिन पूर्व लिखित में दी जायेगी।
4. फेडरेषन की देनदारियां पूर्ण होने पर यदि कोई सरप्लस राषि बचती है तो वह सदस्य गु्रप के बीच में बांटी नहीं जाएगी वरन फेडरेषन के भविष्य के उद्ेष्यों की पूर्ति अथवा श्वेताम्बर जैन समाज के समान उद्ेष्यों वाली संस्था के उद्ेष्यों की पूर्ति अथवा राष्ट्रीय अथवा प्राकृतिक आपदा में सहयोग हेतु आंवटित की जा सकेगी।
5. किसी भी स्थिति में कोई भी प्रकारण न्यायालय में नहीं ले जाया जाएगा। विवाद सैन्ट्रल कौंसल में बहुमत से हल किया जाएगा।
अ.भा. श्वेताम्बर जैन महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्थायी रूप से सैन्ट्रल कौंसिल के मनोनित सदस्य होगें। सैन्ट्रल कौंसिल की मीटिंग वर्ष में न्यूनतम दोबार आयाजित करना अनिवार्य है। आवष्यकतानुसार दो से अधिक बार भी आयोजित की जा सकेगी।
सैन्ट्रल कौंसिल मीटिंग में ग्रुप एवं फेडरेषन के कार्य संबंधी, विकास संबंधी, गु्रप विस्तारीकरण संबंधी, धार्मिक, सामाजिक, सांस्कृतिक, मानव सेवा, गतिविधियां, योजना संबंधी, गु्रप्स की सुंयुक्त कान्फ्रेन्स, गु्रप्स की विविध समस्याओं एवं महत्वपूर्ण विषयों पर संविधान की मूल भावनाओं के अन्तर्गत नीतिगत निर्णय लिये जाते है।
फेडरेषन द्वारा लिये गये निर्णयों के क्रियान्वयन के लिये विभिन्न कमेटियां (जैसे गु्रप एक्सटेन्षन कमेटी, एक्सपर्ट कमेटी, रीजनल कमेटी, कान्फ्रेन्स कमेटी, वर्कषाप कमेटी, फेडरेषन मुख पत्र एवं साहित्य प्रकाषन कमेटी, केरियर गाइडेन्स कमेटी, सदस्यता विस्तार कमेटी, मानव सेवा कमेटी आदि गठित की जाती है।