सदस्यता

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संपूर्ण भारत में एवं विदेषों में जैन श्वेम्बार सोष्यल गु्रप्स फेडरेषन के अंतर्गत जैन श्वेताम्बर सोष्यल गु्रप की स्थापना की जा सकती है। गु्रप की न्युनतम सदस्य संख्या 25 एवं अधिकतम 200 सदस्य संख्या हो सकती है। अधिक संख्या होने पर उसी शहर में दूसरा गु्रप प्रारम्भ किया जा सकता है।
जैन श्वेताम्बर समाज की मान्यता वाले किसी भी घटक अथवा गच्छ का कोई भी दम्पत्ति सदस्य बन सकता है।
जैन श्वेताम्बर सोष्यल गु्रप में दम्पत्ति सदस्यता ही स्वीकार की जाती है।
जैन श्वेताम्बर सोष्यल गु्रप्स फेडरेषन एवं फेडरेषन से संबंध्दता प्राप्त जैन श्वेताम्बर सोष्यल गु्रप का एक ही कामन प्रतीक एवं ध्येय वाक्य है। निष्पंक कमल की पंखुडि़यों से मंडित धर्म चक्र में श्रावक के धर्म के 14 गुण स्थान स्वरूप 14 शलाकाएं है तथा हाथ मिलाते हुए दम्पत्ति संगठन एवं मैत्री का दृढ़ संकल्प दर्षाते है।

फेडरेषन कान्ट्रिब्यूषन
प्रत्येक गु्रप द्वारा 31 जनवरी तक उनकी सकल वार्षिक सदस्यता के अनुसार कांट्रिब्यूषन रेखांकित ड्राफ्ट चेक द्वारा फेडरेषन की वार्षिक साधारण सभा के पूर्व तक जमा हो जाना चाहिए। जिन गु्रप के सदस्यों नेविलम्ब से सदस्यता शुल्क जमा किया हो अथवा नवीन सदस्य बनाये है उन्हें शेष कान्ट्रिब्यूषन फेडरेषन को 31 मार्च अथवा प्राप्ति के एक माह में जमा करा देना आवष्यक है।
जो ग्रुप वार्षिक साधारण सभा के बाद प्रारम्भ हुवें उन्हें अपना कांट्रिब्यूषन 31 दिसम्बर तक जमा करवाना अनिवार्य है। गु्रप्स की ओर से कान्ट्रिब्यूषन जमा नहीं किये जाने पर फेडरेषन मानक संविधान अनुसार गु्रप पर कार्यवाही की जावेगी तथा फेडरेषन द्वारा प्रदत्त अधिकार एवु सुविधाओं से वंचित होना पड़ेगा। विस्तृत जानकारी के लिये फेडरेषन के मानक संविधान में वर्णित फेडरेषन कान्ट्रिब्यूषन भुगतान करने के नियम का अवलोकन करें।
प्रपत्र ‘ए’ एवं प्रपत्र ‘बी’ फेडरेषन कान्ट्रिब्यूषन के रेखांकित ड्राफ्ट चेक के साथ संलग्न कर अवष्य भिजवायें।