सोशल ग्रुप

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उद्ेदष्य:
1. स्मग्र जैन श्वेताम्बर समाज के विभिन्न समुदायों के दम्पत्ति सदस्यों के पारस्परिक स्नेह मिलन द्वारा पारिवाकरिक परिचय, विस्तार, एकता, संबध्दता, परस्पर समन्वय तथा सोहार्द्र का प्रस्थापन एवं अभिवृध्दि करना।
2. जैन श्वेताम्बर सोष्यल गु्रप्स फेडरेषन के उद्देष्यों की पूर्ति एवं योजनाओं का क्रियान्वयन करना तथा समय-समय पर फेडरेषन द्वारा दिये जाने वाले निर्देषों एवं बनाये गये नियमों का पालन करना।

लेखा वर्ष:
गु्रप का लेखा वर्ष 1 जनवरी से 31 दिसम्बर तक कैलेन्डर वर्ष रहेगा।

संबंध्दता (एफिलिएषन)
जैन श्वेताम्बर सोष्यल गु्रप, जैन श्वेताम्बर सोष्यल गु्रप्स फेडरेषन का सदस्य होगा। जैन श्वेताम्बर सोष्यल गु्रप्स फेडरेषन एवं उसके अन्तर्गत गु्रप्स का एक ही प्रतीक, संविधान, ध्येय वाक्य एवं बैनर लागू रहेगा। गु्रप की कार्यकारिणी सभा द्वारा गु्रप के व्यवस्थित संचालन एवं फेडरेषन द्वारा मान्यता संबंधी समुचित संवैधानिक कार्यवाही पूर्ण करने पर संबंधित गु्रप को फेडरेषन द्वारा चार्टर प्रदान किया जाएगा।

यदि कोई गु्रप -
1. फेडरेषन के उद्देश्य के अनुरूप, फेडरेषन एवं गु्रप के मानक संविधान के अनुसार कार्य नहीं कर रहे है।
2. ग्रुप के सामान्य दम्पत्ति सदस्यों की अपेक्षाओं पर खरे नहीं उतर रहे है।
3. कर्यकारिणी सदस्यगण एवं पदाधिकारीगण में विवाद की स्थिति निर्मित हो गयी है।
4. फेडरेषन कान्ट्रिब्यूषन की राषि प्रपत्र क एवं ख के साथ संलग्न होकर गु्रप द्वारा फेडरेषन की नहीं भेजी गयी हो।
ऐसी किसी भी स्थिति में रीजन के पदाधिकारीगण संबंधित गु्रप की मीटिंग में सम्मिलित होकर वे सब कार्य नियमित तथा विवादों का निपटारा करने के लिए अधिकृत होंगे और संबंधित गु्रप्स के सारे व्यवधान दूर करने के प्रयास करेंगे।
जैन श्वेताम्बर सोष्यल गु्रप की स्थापना समग्र श्वेताम्बर जैन समाज को संगठित कर समन्वित एवं चैतन्य बनाये रखने का भगीरथ प्रयास है।
श्वेताम्बर मान्यता के दम्पत्ति जैन श्वे. सोष्यल गु्रप के सदस्य बन सकेंगे। सदस्यता के लिये निर्धारित फार्म पर आवेदन करने पर गु्रप द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के तहत सदस्यता प्रदान की जा सकेगी।

वार्षिक सदस्यता शुल्क
1. वार्षिक सदस्यता शुल्क गु्रप की स्थापना के समय गु्रप की कार्यकारिणी सभा, प्रायोजक गु्रप के साथ मिलकर जैन श्वेताम्बर सोष्यल गु्रप्स फेडरेषन की सहमति से तय करेगी जिसे भविष्य में आवष्यकतानुसार कार्यकारिणी सभा, साधारण सभा की स्वीकृति से परिवर्तित कर सकती है।
2. सदस्यता शुल्क वर्ष की प्रथम मीटिंग के पूर्व देय होगा। निर्धारित अवधि में सदस्य द्वारा वार्षिक शुल्क जमा नहीं कराने पर कार्यकारिणी सभा द्वारा उक्त सदस्य की सदस्यता निरस्त की जा सकेगी।
3. जैन श्वेताम्बर सोष्यल गु्रप्स फेडरेषन को 31 मार्च अथवा चुनावी वर्ष में नामिनेषन फार्म भरने की दिनांक के पूर्व रेखांकित चेक/ड्राफ्ट द्वारा कांट्रिब्यूषन भेजना अनिवार्य होगा। फेडरेषन द्वारा समय-समय पर की जाने वाली कमी/वृध्दि होने पर उसी अनुरूप देय होगी।

चुनाव प्रक्रिया
1. चुनाव द्विवार्षिक होंगे।
2. कार्यकारिणी सभा एवं पदाधिकारियों को गु्रप की साधारण सभा द्वारा मनोनयन/चुनाव दो वर्ष के कार्य काल के लिये होगा।
3. गु्रप की स्थापना के समय प्रथम कार्यकारिणी एवं पदाधिकारियों का मनोनयन फेडरेषन के पदाधिकारियों द्वारा किया जाएगा।
4. कार्यकारिणी सभा के 15 मनोनीत/निर्वाचित सदस्य होंगे जिसमें 3 महिला सदस्यों का होना अनिवार्य होगा। किसी भी स्थिति में कार्यकारिणी में पति-पत्नि दोंनो सदस्य नहीं हो सकेगें। तथा मनोनीत/निर्वाचित सदस्य अपने में से ही निम्नानुसार पदाधिकारियों का चयन करेंगे।
1. अध्यक्ष, 2. दो उपाध्यक्ष, 3. दो सचिव, 4. कोषाध्यक्ष, 5. प्रचार सचिव
गु्रप का तात्कालिक निवृत्त अध्यक्ष एवं संस्थापक अध्यक्ष () के रूप में कार्यकारिणी का सदस्य रहेगा।
5. सहयोजन (ब्व.वचजपवद) गु्रप की कार्यकारिणी सभा बहुमत से गु्रप के साधारण सदस्यों में से चार सदस्यों को सहयोेजित कर सकेगी।
6. गु्रप में कोई भी पदाधिकारी समान पद पर लगातार दूसरे कार्यकाल के लिए निर्वाचित/मनोनीत नहीं हो सकेगा।
7. गु्रप के चुनाव संविधान के अनुसार द्विवार्षिक चुनाव होंगे जो 31 जनवरी के पूर्व कराये जायेगें। चुनाव वर्ष में नवीन गु्रप की प्रथम कार्यकारिणी एवं पदाधिकारियों का कार्यकाल अगर 31 दिसम्बर तक छः माह की अवधि से कम है तो वहां चुनाव वर्ष में चुनाव प्रक्रिया नहीं होगी तथा मनोनीत कार्यकारिणी एवं पदाधिकारी आगामी चुनाव तक कार्य रहेगें।
8. गु्रप के अध्यक्ष का कार्यकाल 2 वर्ष है। कम से कम डेढ़ वर्ष (18 माह) तक गु्रप अध्यक्ष रहने पर ही वह निवृत्तमान हो सकेगा। किसी भी कारण से यदि अध्यक्ष का कार्यकाल 18 माह से कम है तो वह गु्रप के निवृत्तमान अध्यक्ष अथवा भूतपूर्व अध्यक्ष की श्रेणी में नहीं माना जावेगा।
9. प्रत्येक ग्रुप को अपनी मासिक एवं साधारण सभा का सरक्युलर फेडरेषन को भेजना होगा। कम से कम तीन माह में एक सरक्यूलर फेडरेषन को भेजना अनिवार्य है। अन्यथा उस गु्रप को निष्क्रिय मानकर विधि अनुसार कार्यवाही की जा सकेगी।
10. सदस्य संख्या: बड़े शहरों के ग्रुपों हेतु सदस्य संख्या न्यूनतम 75 दम्पत्ति सदस्य एवं अधिकतम 200 दम्पत्ति सदस्य है। कस्बों एवं ग्रामीण क्षेत्रों के ग्रुपों हेतु न्युनतम सदस्य संख्या 25 दम्पत्ति सदस्य रखी गई है।

फेडरेषन कान्ट्रिब्यूषन:
1. 75 एवं उससे अधिक सदस्य संख्या वाले गु्रपों हेतु फेडरेषन कांट्रिब्यूषन 100 रूपये प्रति सदस्य, प्रतिवर्ष एवं
2. छोटे कस्बों एवं ग्रामीण क्षेत्र के छोटे गु्रपों हेतु फेडरेषन कांट्रिब्यूषन 50/- रूपये प्रति सस्दय प्रतिवर्ष रखा गया है।

कार्यकाल:-
नवीन ग्रुप की प्रथम कार्यकारिणी एवं पदाधिकारियों का कार्यकाल यदि 31 दिसम्बर तक 6 माह से कम है तो वहां चुनाव वर्ष में चुनाव प्रक्रिया नहीं होगी तथा मनोनीत कार्यकारिणी एवं पदाधिकरीगण आगामी चुनाव तक कार्य करते रहेगें।
13. गु्रपों की सभाओं में यदि फेडरेषन पदाधिकारिगण आमंत्रित या उपस्थित है तो उस कार्यक्रम में फेडरेषन अध्यक्ष, राष्ट्रीय महासचिव, रीजन चेयरमेन को सम्मान पूर्वक मंच पर स्थान देना चाहिए।
14. नवगठित गु्रप के शपथ ग्रहण समारोह में गु्रप विस्तार कमेटी के चेयरमेन को मंच पर स्थान दिया जाना चाहिए।
15. फेडरेषन/रीजन/गु्रपों की मासिक सभाओं का प्रारम्भ मंगलाचरण के रूप में नवकार महामंत्र के उच्चारण से ही किया जावे। स्तवन आदि स्वागत गीत के रूप में अलग से प्रस्तुत किया जा सकता है तथा सभा का समापन सामूहिक राष्ट्रगान (सम्मानपूर्वक सावधान की मुद्रा में खड़े होकर) से किया जावें।

गु्रप की मीटिंग
वर्ष में न्यूनतम 6 मीटिंग, एक आउटिंग मीटिंग तथा वार्षिक साधारण सभा आयोजित की जाएगी।